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सरकारी खातों का अनुरक्षण - विलंबित विप्रेषण और अतिरिक्त / दोहरी प्रतिपूर्ति पर ब्याज

आरबीआई/2004/234
डीजीबीए.जीएडी.संख्या एच-1244/42.01.011/2003-04

10 जून 2004
ज्येष्ठ 20, 1926 (एस)

अध्यक्ष/प्रबंध निदेशक,
भारतीय स्टेट बैंक और उसके सहयोगी,
सभी राष्ट्रीयकृत बैंक,
जम्मू एंड कश्मीर बैंक लिमिटेड
आईडीबीआई बैंक लिमिटेड/एचडीएफसी बैंक लिमिटेड/
आईसीआईसीआई बैंक लिमिटेड/ यूटीआई बैंक लिमिटेड

महोदय,

सरकारी खातों का अनुरक्षण - विलंबित विप्रेषण और अतिरिक्त / दोहरी प्रतिपूर्ति पर ब्याज

कृपया उपर्युक्त विषय पर दिनांक 5 नवम्बर, 2003 के हमारे परिपत्र सं.443/42.01.011/2003-04 का संदर्भ ग्रहण करें।

2. हम सलाह देते हैं कि विलंबित विप्रेषण पर ब्याज दर और अतिरिक्त / दोहरी प्रतिपूर्ति 1 मई, 2004 से अगले अनुदेशों तक 8% (अर्थात बैंक दर 6% + 2%) पर अपरिवर्तित है।  

भवदीय

ह/-

(गिरीश कल्लियानपुर)
उप महाप्रबंधक

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