अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न - आरबीआई - Reserve Bank of India
FAQs on Non-Banking Financial Companies
Liquid Asset requirement
कोर निवेश कंपनियां
कोर निवेश कंपनियां (सीआईसी)
उत्तर: पंजीकृत सीआईसी जिनकी आस्ति <रु 500 करोड़ है ऐसे गैर-प्रणालीगत रूप से महत्वपूर्ण गैर-बैंकिंग वित्तीय (जमाराशि स्वीकार नहीं करने वाली या धारण करने वाली) कंपनी विवेकपूर्ण मानदंड (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2015 के अनुसार 0.25% के मानक आस्ति प्रावधान को बनाए रखेंगे और >= रु 500 करोड़ आस्ति वाले मामले में विनिर्दिष्ट के अनुसार 0.40% के मानक आस्ति प्रावधान को बनाए रखेंगे जो प्रणालीगत रूप से महत्वपूर्ण गैर-बैंकिंग वित्तीय (जमाराशि स्वीकार नहीं करने वाली या धारण करने वाली) कंपनी विवेकपूर्ण मानदंड (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2015 में निर्दिष्ट के अनुसार लागू होगा।
भारत में विदेशी निवेश
III. अन्य प्रतिभूतियों में निवेश
उत्तर: निवेश माध्यम’ का अर्थ है ऐसी एंटीटी से है जो भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड अथवा इस प्रयोजन के लिए नामित किसी अन्य प्राधिकारी द्वारा निर्मित संबन्धित विनियमों के तहत पंजीकृत और विनियमित है। फेमा 20(आर) की अनुसूची 8 के प्रयोजन के लिए निवेश माध्यम भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (REITs) विनियमावली, 2014 द्वारा प्रशासित रियल इस्टेट निवेश ट्रस्ट (REITs), भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (InvIts) विनियमावली, 2014 द्वारा प्रशासित इन्फ्रास्ट्रक्चर निवेश ट्रस्ट और भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (AIFS) विनियमावली, 2012 द्वारा प्रशासित अल्टरनेटिव निवेश निधियाँ इसमें शामिल हैं । इसमें भूतपूर्व सेबी (उद्यम पूंजी निधि) विनियमावली, 1996 के अंतर्गत पंजीकृत उद्यम पूंजी निधि शामिल नहीं है।
बाह्य वाणिज्यिक उधार(ईसीबी) तथा व्यापार ऋण
के. विविध
उत्तर: हां। मौजूदा मानदंडों के अंतर्गत ईसीबी की मूल राशि तथा ब्याज, दोनों को इक्विटि में परिवर्तित करने की अनुमति है। यह अनुमति “बाह्य वाणिज्यिक उधार, व्यापार ऋण, तथा संरचित प्रतिबद्धता” पर दिनांक 26 मार्च 2019 के मास्टर निदेश सं. 5 के पैराग्राफ 7.4 में दिए गए अनुसार यथालागू शर्तों के अधीन होगी।
एनबीएफसी के बारे में आपके जानने योग्य संपूर्ण जानकारी
D. जमाराशियों की परिभाषा, जमाराशियां स्वीकार करने योग्य/अयोग्य संस्थाएं और उनसे संबंधित मामले
भारत में विदेशी निवेश
III. अन्य प्रतिभूतियों में निवेश
उत्तर: किसी निवेश माध्यम जिसका प्रयोजक अथवा प्रबंधक अथवा निवेश प्रबंधक का (i) निवासी भारतीय नागरिकों के पास स्वामित्व तथा नियंत्रण नहीं है अथवा (ii) उसका स्वामित्व तथा नियंत्रण भारत के बाहर निवास करने वाले व्यक्तियों के पास है द्वारा भारतीय कंपनी अथवा एलएलपी में किया गया निवेश निवेश प्राप्त कर्ता कंपनी अथवा एलएलपी, जैसी स्थिति हो, के लिए अप्रत्यक्ष विदेशी निवेश होगा।
रिटेल डायरेक्ट योजना
निवेश और खाता धारिता से संबंधित प्रश्न
देशी जमा
IV. शेयरों और डिबेंचरों की जमानत पर अग्रिम
भारतीय मुद्रा
ड़) जाली नोट/जालसाजी
जिस किसी नोट में असली भारतीय करेंसी नोट की विशेषताएँ नहीं पाई जाती हैं वह संदिग्ध जाली नोट, प्रतिरूपित नोट अथवा नकली नोट वह नोट होता है ।
FAQs on Non-Banking Financial Companies
Liquid Asset requirement
कोर निवेश कंपनियां
कोर निवेश कंपनियां (सीआईसी)
उत्तर: हाँ, सीआईसी के वर्तमान निर्देशों के अनुसार, उन्हें मनी मार्केट म्यूचुअल फंड सहित मनी मार्केट लिखत में निवेश करने की अनुमति है। चूंकि लिक्विड फंड भी म्यूचुअल फंड हैं, जिनमें अंतर्निहित मनी मार्केट लिखत हैं; सीआईसी को अपने अधिशेष धन को लिक्विड फंड योजनाओं में भी निवेश करने की अनुमति है।
बाह्य वाणिज्यिक उधार(ईसीबी) तथा व्यापार ऋण
के. विविध
उत्तर: हां। ईसीबी का इक्विटि में आंशिक परिवर्तन करने के लिए मुक्त रूप से अनुमति तब ही दी जाएगी जब ईसीबी के रुप में रहनेवाली शेष राशि ईसीबी संबंधी सभी दिशानिर्देशों का अनुपालन करती हो।
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D. जमाराशियों की परिभाषा, जमाराशियां स्वीकार करने योग्य/अयोग्य संस्थाएं और उनसे संबंधित मामले
रिटेल डायरेक्ट योजना
निवेश और खाता धारिता से संबंधित प्रश्न
देशी जमा
IV. शेयरों और डिबेंचरों की जमानत पर अग्रिम
भारतीय मुद्रा
ड़) जाली नोट/जालसाजी
जाली नोट की पहचान असली भारतीय करेंसी नोट में मौजूद सुरक्षा विशेषताओं के आधार पर की जा सकती है । नोट को देखने, छूने तथा झुकाने से ये विशेषताएँ आसानी से पहचानी जा सकती हैं ।
कोर निवेश कंपनियां
कोर निवेश कंपनियां (सीआईसी)
उत्तर: हां, कंपनी जो एक सीआईसी है और जिसने अपने पिछले लेखापरीक्षित वार्षिक वित्तीय विवरण के अनुसार 100 करोड़ रुपये का तुलनपत्र आकार हासिल किया है, को सीआईसी-एसआई के रूप में पंजीकरण के लिए बैंक में आवेदन करना आवश्यक है, बशर्ते प्रणालीगत रूप से महत्वपूर्ण सीआईसी के रूप में पहचाने जाने के लिए अन्य शर्तों को पूरा किया गया हो।
FAQs on Non-Banking Financial Companies
Extent of regulations over NBFCs accepting public deposits and not accepting public deposits
भारत में विदेशी निवेश
III. अन्य प्रतिभूतियों में निवेश
उत्तर: वैकल्पिक (अल्टरनेटिव) निवेश निधि श्रेणी III जिसे कोई विदेशी निवेश प्राप्त हुआ है वो केवल उन सिक्युरिटीज अथवा लिखतों में ही पोर्टफोलियो निवेश कर सकती हैं जिनमें अधिनियम तथा उसके अंतर्गत बनाए गए नियमों अथवा विनियमों के अधीन निवेश करने की अनुमति है।
बाह्य वाणिज्यिक उधार(ईसीबी) तथा व्यापार ऋण
के. विविध
उत्तर: नहीं ।
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D. जमाराशियों की परिभाषा, जमाराशियां स्वीकार करने योग्य/अयोग्य संस्थाएं और उनसे संबंधित मामले
रिटेल डायरेक्ट योजना
निवेश और खाता धारिता से संबंधित प्रश्न
देशी जमा
IV. शेयरों और डिबेंचरों की जमानत पर अग्रिम
भारतीय मुद्रा
ड़) जाली नोट/जालसाजी
बैंकनोटों की जालसाजी/जाली तथा नकली नोटों का असली नोटों के रूप में उयपयोग करना/जाली या नकली बैंकनोट रखने/बैंक नोटों की जालसाजी अथवा नकली बनाने के लिए उपकरणों या सामग्री को रखना/ बैंकनोट के समान दिखने वाले दस्तावेज़ का उपयोग करना अथवा बनाना भारतीय दंड संहिता की धारा 489ए से 489ई के तहत अपराध है तथा इसके लिए न्यायालयों द्वारा जुर्माना लगाया जा सकता है या सात साल से लेकर आजीवन कारावास दिया जा सकता है अथवा दोनों सजाएं दी जा सकती हैं, जो किए गए अपराध पर निर्भर होंगी ।
भारत सरकार ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए), 1967 के तहत उच्च गुणवत्ता वाली प्रतिरूपित भारतीय करेंसी संबंधी अपराधों संबंधी अन्वेषण नियम, 2013 तैयार किया है । अधिनियम की तीसरी अनुसूची में उच्च गुणवत्ता वाले प्रतिरूपित भारतीय करेंसी नोट को परिभाषित किया गया है । उच्च गुणवत्ता वाले प्रतिरूपित भारतीय नोट के उत्पादन, तस्करी करने या संचरण की गतिविधि को यूएपीए, 1967 के दायरे में लाया गया है ।
FAQs on Non-Banking Financial Companies
Extent of regulations over NBFCs accepting public deposits and not accepting public deposits
भारत में विदेशी निवेश
IV. रिपोर्टिंग में विलंब
उत्तर: 7 नवंबर 2017 को अथवा उसके बाद किए गए लेनदेन के मामलों में रिपोर्टिंग करने में विलंब होने पर रिपोर्टिंग पर मास्टर निदेश के भाग IV में दिए गए अनुसार रिपोर्टों को फ़ाइल करने के लिए जिम्मेदार व्यक्ति/ एंटीटी पर विलंब से प्रस्तुति के लिए लगाए गए शुल्क का भुगतान करने का दायित्व होगा। एलएसएफ़ का भुगतान करना कंपाउंडिंग क्रियाविधि से गुजरे बिना रिपोर्टिंग में हुए विलंब को नियमित करने का एक अतिरिक्त विकल्प है।
बाह्य वाणिज्यिक उधार(ईसीबी) तथा व्यापार ऋण
भाग II: व्यापार ऋण (टीसी)
उत्तर: एडी बैंक विदेशी मुद्रा में समुद्रपारीय उधारदाताओं से अल्पावधि व्यापार वित्त का लाभ उठाने के लिए अपने ग्रहकों की ओर से एसबीएलसी जारी कर सकते हैं लेकिन इस शर्त के अधीन कि इस प्रकार से जारी की गई एसबीएलसी समय-समय पर संशोधित “गारंटियां तथा सहस्वीकृतियां” पर बैंकिंग विनियमन विभाग के दिनांक 1 जुलाई 2015 के मास्टर परिपत्र सं.डीबीआर.सं.डीआईआर.बीसी.11/13.03.00/2015-16 में निहित प्रावधानों का अनुपालन करती हो ।
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D. जमाराशियों की परिभाषा, जमाराशियां स्वीकार करने योग्य/अयोग्य संस्थाएं और उनसे संबंधित मामले
रिटेल डायरेक्ट योजना
निवेश और खाता धारिता से संबंधित प्रश्न
देशी जमा
IV. शेयरों और डिबेंचरों की जमानत पर अग्रिम
भारतीय मुद्रा
ड़) जाली नोट/जालसाजी
जाली नोट रखने मात्र से सजा नहीं होती है । किसी बैंक नोट के जाली अथवा प्रतिरूपित होने के बारे में जानकारी होने या ऐसा मानने के पीछे कारण होने, और उसे असली नोट की तरह प्रयोग करने का इरादा होने या उसे असली नोट की तरह प्रयोग किया जा सकने की जानकारी के साथ जाली या प्रतिरूपित बैंकनोट रखना भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 489सी के तहत दंडनीय है ।
FAQs on Non-Banking Financial Companies
Repayment of matured deposits
भारत में विदेशी निवेश
IV. रिपोर्टिंग में विलंब
उत्तर: एलएसएफ़ का भुगतान करना कंपाउंडिंग क्रियाविधि से गुजरे बिना रिपोर्टिंग में हुए विलंब को नियमित करने के लिए एक अतिरिक्त सुविधा है। तथापि इसका यह अर्थ नहीं है कि आवेदक कंपाउंडिंग के लिए आवेदन नहीं कर सकता है। 7 नवंबर 2017 को अथवा उसके बाद किए गए लेनदेन के लिए आवेदक को दोनों विकल्प उपलब्ध हैं।
बाह्य वाणिज्यिक उधार(ईसीबी) तथा व्यापार ऋण
भाग II: व्यापार ऋण (टीसी)
उत्तर: एडी बैंकों को एडी बैंकों/ रिज़र्व बैंक के क्षेत्रीय कार्यालयों द्वारा विलंबित आयात देयताओं के निपटान के लिए प्रदान की गई सभी अनुमतियों की रिपोर्ट करनी होती है।
एनबीएफसी के बारे में आपके जानने योग्य संपूर्ण जानकारी
D. जमाराशियों की परिभाषा, जमाराशियां स्वीकार करने योग्य/अयोग्य संस्थाएं और उनसे संबंधित मामले
देशी जमा
IV. शेयरों और डिबेंचरों की जमानत पर अग्रिम
रिटेल डायरेक्ट योजना
निवेश और खाता धारिता से संबंधित प्रश्न
भारतीय मुद्रा
ड़) जाली नोट/जालसाजी
भारतीय रिज़र्व बैंक काफी मात्रा में नकद राशि संभालने वाले व्यक्तियों, जैसे बैंकों/उपभोक्ता मंचों/व्यापारिक संगठनों/शैक्षणिक संस्थानों/पुलिस पेशेवरों, के लिए बैंकनोटों की सुरक्षा विशेषताओं की प्रामाणिकता संबंधी प्रशिक्षण सत्र आयोजित करता है । इन प्रशिक्षण सत्रों के अतिरिक्त, बैंकनोटों की सुरक्षा विशेषताओं से संबंधित जानकारी बैंक की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है ।
FAQs on Non-Banking Financial Companies
Repayment of matured deposits
भारत में विदेशी निवेश
IV. रिपोर्टिंग में विलंब
उत्तर: विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 के अंतर्गत रिपोर्टिंग संबंधी मास्टर निदेश में रिपोर्टिंग अपेक्षाओं को निर्धारित किया गया है।
एनबीएफसी के बारे में आपके जानने योग्य संपूर्ण जानकारी
D. जमाराशियों की परिभाषा, जमाराशियां स्वीकार करने योग्य/अयोग्य संस्थाएं और उनसे संबंधित मामले
देशी जमा
IV. शेयरों और डिबेंचरों की जमानत पर अग्रिम
रिटेल डायरेक्ट योजना
निवेश और खाता धारिता से संबंधित प्रश्न
भारतीय मुद्रा
च) सिक्के
वर्तमान में भारत में 50 पैसे, एक रुपया, दो रुपये, पाँच रुपये, दस रुपये तथा बीस रुपये के मूल्यवर्ग के सिक्के जारी किए जा रहे हैं । 50 पैसे तक के सिक्कों को “छोटे सिक्के” कहा जाता है तथा एक रुपया और इससे अधिक के सिक्कों को “रुपया सिक्का” कहा जाता है । सिक्का निर्माण अधिनियम, 2011 के तहत ₹1000 तक के मूल्यवर्ग के सिक्के जारी किए जा सकते हैं ।
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Repayment of matured deposits
भारत में विदेशी निवेश
IV. रिपोर्टिंग में विलंब
उत्तर: फेमा, 1999 के तहत जारी की गई अधिसूचना के आधार पर विदेशी निवेश किया जा सकता है।
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D. जमाराशियों की परिभाषा, जमाराशियां स्वीकार करने योग्य/अयोग्य संस्थाएं और उनसे संबंधित मामले
रिटेल डायरेक्ट योजना
निवेश और खाता धारिता से संबंधित प्रश्न
नहीं। एनएसडीएल/सीडीएसएल वाले डीमेट खाते में धारिता आरडीजी खाते में धारिता से अलग होती है। एक ही समय में दोनों खातों को बनाए रख सकते हैं।
देशी जमा
IV. शेयरों और डिबेंचरों की जमानत पर अग्रिम
भारतीय मुद्रा
च) सिक्के
30 जून 2011 से पच्चीस (25) पैसे के सिक्कों को संचलन से बाहर कर दिया गया है और इसलिए ये अब ये वैध मुद्रा नहीं हैं । 25 पैसे से कम मूल्यवर्ग के सिक्के बहुत पहले संचलन से वापस ले लिए गए थे । सिक्का निर्माण अधिनियम, 2011 के तहत भारत सरकार द्वारा ढाले गए तथा समय-समय पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा संचलन के लिए जारी अन्य सभी मूल्यवर्गों के विभिन्न आकार, विषय-वस्तु (थीम) तथा रूपरेखा (डिजाइन) के सिक्के वैध मुद्रा के रूप में जारी हैं ।
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