इंटर-ऑपरेबल विनियामक सैंडबॉक्स (आईओआरएस) - आरबीआई - Reserve Bank of India
इंटर-ऑपरेबल विनियामक सैंडबॉक्स (आईओआरएस)
परिचय
इंटर-ऑपरेबल विनियामक सैंडबॉक्स (आईओआरएस) नवप्रवर्तकों को एक से अधिक वित्तीय क्षेत्र विनियामकों के विनियामकीय दायरे में आने वाले हाइब्रिड वित्तीय उत्पादों/सेवाओं का परीक्षण करने के लिए एक साझा मंच प्रदान करता है। विभिन्न विनियामकों के साथ अलग-अलग संपर्क करने की आवश्यकता को समाप्त करके, आईओआरएस परीक्षण प्रक्रियाओं को सरल बनाता है और वित्तीय पारितंत्र में नवोन्मेष को बढ़ावा देता है।
पृष्ठभूमि
वित्तीय स्थिरता और विकास परिषद-उप समिति (एफएसडीसी-एससी) के तत्वावधान में फिनटेक पर एक अंतर-विनियामक तकनीकी समूह (आईआरटीजी ऑन फिनटेक) का गठन किया गया था। फिनटेक पर आईआरटीजी के विचारार्थ विषयों (टीओआर) में विनियामक सैंडबॉक्स में प्रवेश के लिए एक से अधिक वित्तीय क्षेत्र के विनियामकीय दायरे में आने वाले हाइब्रिड उत्पाद/सेवा से संबंधित मुद्दों पर चर्चा और हाइब्रिड उत्पादों/सेवाओं के लिए आईओआरएस हेतु मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करना शामिल था। इस समूह में, वित्तीय क्षेत्र के विनियामकों/प्राधिकरणों (आरबीआई, सेबी, आईआरडीएआई, आईएफएससीए और पीएफआरडीए) के सदस्यों के अतिरिक्त, आर्थिक कार्य विभाग (डीईए), वित्त मंत्रालय और इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई), भारत सरकार का भी प्रतिनिधित्व है। एक से अधिक वित्तीय क्षेत्र के विनियामकीय दायरे में आने वाले नवीन उत्पादों/सेवाओं के परीक्षण की सुविधा के लिए, फिनटेक पर अंतर-विनियामक तकनीकी समूह (फिनटेक पर आईआरटीजी) द्वारा आईओआरएस के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की गई है। एसओपी को इस लिंक से देखा जा सकता है:FinTech
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