प्रेस प्रकाशनियां - आरबीआई - Reserve Bank of India
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प्रेस प्रकाशनियां
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मार्च 08, 2022भारतीय रिज़र्व बैंक ने (क) फीचर फोन के लिए यूपीआई (UPI123pay) (ख) डिजिटल भुगतान के लिए 24x7 हेल्पलाइन (DigiSaathi) की शुरुआत की8 मार्च 2022 भारतीय रिज़र्व बैंक ने (क) फीचर फोन के लिए यूपीआई (UPI123pay) (ख) डिजिटल भुगतान के लिए 24x7 हेल्पलाइन (DigiSaathi) की शुरुआत की रिज़र्व बैंक ने आज दो प्रमुख पहल की शुरुआत की- (1) UPI123Pay - फीचर फोन उपयोगकर्ताओं के लिए यूनिफ़ाइड इंटरफ़ेस पेमेंट्स (यूपीआई) भुगतान करने का विकल्प, और (2) DigiSaathi – सभी उत्पादों में डिजिटल भुगतान उपयोगकर्ताओं के संदेहों का समाधान करने के लिए एक 24x7 हेल्पलाइन। इन दो पहलों का शुभारंभ करते हुए, आरबीआई गवर्नर श्री शक्तिकान्त दा8 मार्च 2022 भारतीय रिज़र्व बैंक ने (क) फीचर फोन के लिए यूपीआई (UPI123pay) (ख) डिजिटल भुगतान के लिए 24x7 हेल्पलाइन (DigiSaathi) की शुरुआत की रिज़र्व बैंक ने आज दो प्रमुख पहल की शुरुआत की- (1) UPI123Pay - फीचर फोन उपयोगकर्ताओं के लिए यूनिफ़ाइड इंटरफ़ेस पेमेंट्स (यूपीआई) भुगतान करने का विकल्प, और (2) DigiSaathi – सभी उत्पादों में डिजिटल भुगतान उपयोगकर्ताओं के संदेहों का समाधान करने के लिए एक 24x7 हेल्पलाइन। इन दो पहलों का शुभारंभ करते हुए, आरबीआई गवर्नर श्री शक्तिकान्त दा
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मार्च 07, 2022भारतीय रिज़र्व बैंक ने लिवक्विक टेक्नोलॉजी (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड पर मौद्रिक दंड लगाया7 मार्च 2022 भारतीय रिज़र्व बैंक ने लिवक्विक टेक्नोलॉजी (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड पर मौद्रिक दंड लगाया भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने प्रीपेड भुगतान लिखत संबंधी दिनांक 11 अक्तूबर 2017 (17 नवंबर 2020 को अद्यतन) के मास्टर निदेश के कतिपय प्रावधानों के अननुपालन के लिए लिवक्विक टेक्नोलॉजी (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड (संस्था) पर ₹14,83,000/- (चौदह लाख तिरासी हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया। यह दंड, भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 की धारा 30 के तहत आरबीआई को प्रदत7 मार्च 2022 भारतीय रिज़र्व बैंक ने लिवक्विक टेक्नोलॉजी (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड पर मौद्रिक दंड लगाया भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने प्रीपेड भुगतान लिखत संबंधी दिनांक 11 अक्तूबर 2017 (17 नवंबर 2020 को अद्यतन) के मास्टर निदेश के कतिपय प्रावधानों के अननुपालन के लिए लिवक्विक टेक्नोलॉजी (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड (संस्था) पर ₹14,83,000/- (चौदह लाख तिरासी हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया। यह दंड, भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 की धारा 30 के तहत आरबीआई को प्रदत
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फ़रवरी 22, 2022भारतीय रिज़र्व बैंक ने अनधिकृत संस्थाओं द्वारा जारी प्रीपेड भुगतान लिखतों (नॉन-क्लोज्ड) के प्रति जनता को सावधान किया22 फरवरी 2022 भारतीय रिज़र्व बैंक ने अनधिकृत संस्थाओं द्वारा जारी प्रीपेड भुगतान लिखतों (नॉन-क्लोज्ड) के प्रति जनता को सावधान किया भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) के संज्ञान में यह आया है कि एसराइड टेक प्राइवेट लिमिटेड नामक एक कंपनी, जिसका पंजीकृत कार्यालय 1201, टावर-7, क्लोज नॉर्थ, निर्वाण सेक्टर-50, गुड़गांव, हरियाणा में स्थित है, द्वारा भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 के प्रावधानों के अंतर्गत आरबीआई से आवश्यक प्राधिकार प्राप्त किए बिना अपने कार-पूलिंग ऐप (एप्लिके22 फरवरी 2022 भारतीय रिज़र्व बैंक ने अनधिकृत संस्थाओं द्वारा जारी प्रीपेड भुगतान लिखतों (नॉन-क्लोज्ड) के प्रति जनता को सावधान किया भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) के संज्ञान में यह आया है कि एसराइड टेक प्राइवेट लिमिटेड नामक एक कंपनी, जिसका पंजीकृत कार्यालय 1201, टावर-7, क्लोज नॉर्थ, निर्वाण सेक्टर-50, गुड़गांव, हरियाणा में स्थित है, द्वारा भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 के प्रावधानों के अंतर्गत आरबीआई से आवश्यक प्राधिकार प्राप्त किए बिना अपने कार-पूलिंग ऐप (एप्लिके
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जनवरी 19, 2022भारतीय रिज़र्व बैंक ने सितंबर 2021 के लिए डिजिटल भुगतान सूचकांक की घोषणा की19 जनवरी 2022 भारतीय रिज़र्व बैंक ने सितंबर 2021 के लिए डिजिटल भुगतान सूचकांक की घोषणा की रिज़र्व बैंक ने देश भर में भुगतान का डिजिटलीकरण के विस्तार का पता लगाने के लिए मार्च 2018 को आधार मानकर एक समग्र भारतीय रिज़र्व बैंक - डिजिटल भुगतान सूचकांक (आरबीआई-डीपीआई) निर्मित करने की घोषणा की थी। सितंबर 2021 के लिए सूचकांक मार्च 2021 के 270.59 की तुलना में 304.06 है। आरबीआई-डीपीआई सूचकांक देश भर में डिजिटल भुगतान को अपनाने और उसे व्यापक करने में महत्वपूर्ण वृद्धि प्रदर्शित करत19 जनवरी 2022 भारतीय रिज़र्व बैंक ने सितंबर 2021 के लिए डिजिटल भुगतान सूचकांक की घोषणा की रिज़र्व बैंक ने देश भर में भुगतान का डिजिटलीकरण के विस्तार का पता लगाने के लिए मार्च 2018 को आधार मानकर एक समग्र भारतीय रिज़र्व बैंक - डिजिटल भुगतान सूचकांक (आरबीआई-डीपीआई) निर्मित करने की घोषणा की थी। सितंबर 2021 के लिए सूचकांक मार्च 2021 के 270.59 की तुलना में 304.06 है। आरबीआई-डीपीआई सूचकांक देश भर में डिजिटल भुगतान को अपनाने और उसे व्यापक करने में महत्वपूर्ण वृद्धि प्रदर्शित करत
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जनवरी 12, 2022भारतीय रिज़र्व बैंक ने लोकपाल योजनाओं की वार्षिक रिपोर्ट, 2020-21 जारी की12 जनवरी 2022 भारतीय रिज़र्व बैंक ने लोकपाल योजनाओं की वार्षिक रिपोर्ट, 2020-21 जारी की भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने आज वर्ष 2020-21 के लिए लोकपाल योजनाओं की वार्षिक रिपोर्ट को जारी किया, जिसे 1 जुलाई 2020 से आरबीआई के वित्तीय वर्ष के 'जुलाई-जून' से 'अप्रैल-मार्च' में परिवर्तन के अनुरूप नौ महीने की अवधि अर्थात 1 जुलाई 2020 से 31 मार्च 2021 के लिए तैयार किया गया है। वार्षिक रिपोर्ट में बैंकिंग लोकपाल योजना, 2006 (बीओएस), गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के लिए लोकपाल योजन12 जनवरी 2022 भारतीय रिज़र्व बैंक ने लोकपाल योजनाओं की वार्षिक रिपोर्ट, 2020-21 जारी की भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने आज वर्ष 2020-21 के लिए लोकपाल योजनाओं की वार्षिक रिपोर्ट को जारी किया, जिसे 1 जुलाई 2020 से आरबीआई के वित्तीय वर्ष के 'जुलाई-जून' से 'अप्रैल-मार्च' में परिवर्तन के अनुरूप नौ महीने की अवधि अर्थात 1 जुलाई 2020 से 31 मार्च 2021 के लिए तैयार किया गया है। वार्षिक रिपोर्ट में बैंकिंग लोकपाल योजना, 2006 (बीओएस), गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के लिए लोकपाल योजन
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जनवरी 04, 2022प्राधिकरण प्रमाणपत्र का निरस्तीकरण4 जनवरी 2022 प्राधिकरण प्रमाणपत्र का निरस्तीकरण भारतीय रिज़र्व बैंक ने भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित भुगतान प्रणाली परिचालकों (पीएसओ) का प्राधिकरण प्रमाणपत्र (सीओए) निरस्त कर दिया है: क्रम सं कंपनी का नाम पंजीकृत कार्यालय का पता सीओए संख्या एवं तारीख भुगतान प्रणाली प्राधिकृत निरस्तीकरण की तारीख निरस्तीकरण का कारण 1. मुथूट व्हीकल एंड एसेट फाइनेंस लिमिटेड पहली मंजिल, कोचीन डेंटल क्लिनिक बिल्डिंग, मार्केट4 जनवरी 2022 प्राधिकरण प्रमाणपत्र का निरस्तीकरण भारतीय रिज़र्व बैंक ने भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित भुगतान प्रणाली परिचालकों (पीएसओ) का प्राधिकरण प्रमाणपत्र (सीओए) निरस्त कर दिया है: क्रम सं कंपनी का नाम पंजीकृत कार्यालय का पता सीओए संख्या एवं तारीख भुगतान प्रणाली प्राधिकृत निरस्तीकरण की तारीख निरस्तीकरण का कारण 1. मुथूट व्हीकल एंड एसेट फाइनेंस लिमिटेड पहली मंजिल, कोचीन डेंटल क्लिनिक बिल्डिंग, मार्केट
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जनवरी 03, 2022भारतीय रिज़र्व बैंक ने ऑफलाइन माध्यम से छोटे मूल्य के डिजिटल भुगतान को सुविधाजनक बनाने के लिए फ्रेमवर्क जारी की3 जनवरी 2022 भारतीय रिज़र्व बैंक ने ऑफलाइन माध्यम से छोटे मूल्य के डिजिटल भुगतान को सुविधाजनक बनाने के लिए फ्रेमवर्क जारी की रिज़र्व बैंक ने आज अपनी वेबसाइट पर 'ऑफ़लाइन माध्यम से छोटे मूल्य के डिजिटल भुगतान को सुविधाजनक बनाने के लिए फ्रेमवर्क’ जारी की। इस फ्रेमवर्क में सितंबर 2020 से जून 2021 की अवधि के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में किए गए ऑफलाइन लेनदेन संबंधी प्रायोगिक प्रयोगों से प्राप्त फीडबैक शामिल हैं। एक ऑफ़लाइन डिजिटल भुगतान का अर्थ एक ऐसा लेनदेन है जिसके लिए3 जनवरी 2022 भारतीय रिज़र्व बैंक ने ऑफलाइन माध्यम से छोटे मूल्य के डिजिटल भुगतान को सुविधाजनक बनाने के लिए फ्रेमवर्क जारी की रिज़र्व बैंक ने आज अपनी वेबसाइट पर 'ऑफ़लाइन माध्यम से छोटे मूल्य के डिजिटल भुगतान को सुविधाजनक बनाने के लिए फ्रेमवर्क’ जारी की। इस फ्रेमवर्क में सितंबर 2020 से जून 2021 की अवधि के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में किए गए ऑफलाइन लेनदेन संबंधी प्रायोगिक प्रयोगों से प्राप्त फीडबैक शामिल हैं। एक ऑफ़लाइन डिजिटल भुगतान का अर्थ एक ऐसा लेनदेन है जिसके लिए
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दिसंबर 23, 2021भारतीय रिज़र्व बैंक ने दो भुगतान प्रणाली परिचालकों पर मौद्रिक दंड लगाया23 दिसंबर 2021 भारतीय रिज़र्व बैंक ने दो भुगतान प्रणाली परिचालकों पर मौद्रिक दंड लगाया भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 (पीएसएस अधिनियम) की धारा 26 (6) में निर्दिष्ट प्रकृति का अपराध करने के लिए निम्नलिखित दो भुगतान प्रणाली परिचालकों (पीएसओ) पर मौद्रिक दंड लगाया है। क्रम सं. पीएसओ का नाम सकारण आदेश की तारीख दंड की राशि (₹ लाख) 1 वन मोबिक्विक सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड 7 दिसंबर 2021 100.00 2 स्पाइस मनी लिमिटेड 7 दिसंबर 2021 100.00 यह द23 दिसंबर 2021 भारतीय रिज़र्व बैंक ने दो भुगतान प्रणाली परिचालकों पर मौद्रिक दंड लगाया भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 (पीएसएस अधिनियम) की धारा 26 (6) में निर्दिष्ट प्रकृति का अपराध करने के लिए निम्नलिखित दो भुगतान प्रणाली परिचालकों (पीएसओ) पर मौद्रिक दंड लगाया है। क्रम सं. पीएसओ का नाम सकारण आदेश की तारीख दंड की राशि (₹ लाख) 1 वन मोबिक्विक सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड 7 दिसंबर 2021 100.00 2 स्पाइस मनी लिमिटेड 7 दिसंबर 2021 100.00 यह द
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नवंबर 16, 2021भुगतान अवसंरचना विकास निधि (पीआईडीएफ) – अद्यतन स्थिति16 नवंबर 2021 भुगतान अवसंरचना विकास निधि (पीआईडीएफ) – अद्यतन स्थिति रिज़र्व बैंक द्वारा 01 जनवरी 2021 से परिचालित पीआईडीएफ़ योजना, देश के टियर-3 से टियर-6 केंद्रों और उत्तर पूर्वी राज्यों में बिक्री केंद्र (पीओएस) अवसंरचना (भौतिक और डिजिटल मोड) के परिनियोजन में सहायता प्रदान करती है। 26 अगस्त 2021 से टियर-1 और टियर-2 केंद्रों में प्रधान मंत्री सड़क विक्रेता की आत्मनिर्भर निधि (प्रधान मंत्री स्वानिधि योजना) के लाभार्थी भी शामिल हैं। 2. पीआईडीएफ योजना के तहत पंजीकृत संस्थ16 नवंबर 2021 भुगतान अवसंरचना विकास निधि (पीआईडीएफ) – अद्यतन स्थिति रिज़र्व बैंक द्वारा 01 जनवरी 2021 से परिचालित पीआईडीएफ़ योजना, देश के टियर-3 से टियर-6 केंद्रों और उत्तर पूर्वी राज्यों में बिक्री केंद्र (पीओएस) अवसंरचना (भौतिक और डिजिटल मोड) के परिनियोजन में सहायता प्रदान करती है। 26 अगस्त 2021 से टियर-1 और टियर-2 केंद्रों में प्रधान मंत्री सड़क विक्रेता की आत्मनिर्भर निधि (प्रधान मंत्री स्वानिधि योजना) के लाभार्थी भी शामिल हैं। 2. पीआईडीएफ योजना के तहत पंजीकृत संस्थ
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नवंबर 16, 2021विनियम समीक्षा प्राधिकरण (आरआरए 2.0) - अंतरिम सिफारिशें16 नवंबर 2021 विनियम समीक्षा प्राधिकरण (आरआरए 2.0) - अंतरिम सिफारिशें भारतीय रिज़र्व बैंक ने 15 अप्रैल 2021 की प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से एक विनियम समीक्षा प्राधिकरण (आरआरए 2.0) की स्थापना की है। आरआरए 2.0 का उद्देश्य विनियामक निर्देशों की समीक्षा करना, अनावश्यक और डुप्लिकेट निर्देशों को हटाना, रिपोर्टिंग संरचना को सुव्यवस्थित करके विनियमित संस्थाओं (आरई) पर अनुपालन बोझ को कम करना, अप्रचलित निर्देशों को रद्द करना और जहां संभव हो, पेपर-आधारित विवरणी जमा करने से बचना16 नवंबर 2021 विनियम समीक्षा प्राधिकरण (आरआरए 2.0) - अंतरिम सिफारिशें भारतीय रिज़र्व बैंक ने 15 अप्रैल 2021 की प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से एक विनियम समीक्षा प्राधिकरण (आरआरए 2.0) की स्थापना की है। आरआरए 2.0 का उद्देश्य विनियामक निर्देशों की समीक्षा करना, अनावश्यक और डुप्लिकेट निर्देशों को हटाना, रिपोर्टिंग संरचना को सुव्यवस्थित करके विनियमित संस्थाओं (आरई) पर अनुपालन बोझ को कम करना, अप्रचलित निर्देशों को रद्द करना और जहां संभव हो, पेपर-आधारित विवरणी जमा करने से बचना
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