प्रेस प्रकाशनियां - आरबीआई - Reserve Bank of India
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जून 05, 2023गवर्नर, भारतीय रिज़र्व बैंक ने अंतर्दृष्टि (ANTARDRISHTI) नामक वित्तीय समावेशन डैशबोर्ड का शुभारंभ किया5 जून 2023 गवर्नर, भारतीय रिज़र्व बैंक ने अंतर्दृष्टि (ANTARDRISHTI) नामक वित्तीय समावेशन डैशबोर्ड का शुभारंभ किया श्री शक्तिकान्त दास, गवर्नर ने आज अंतर्दृष्टि (ANTARDRISHTI) नामक एक वित्तीय समावेशन डैशबोर्ड का शुभारंभ किया। जैसा कि इस नाम से पता चलता है, यह डैशबोर्ड प्रासंगिक मापदंडों को शामिल करके वित्तीय समावेशन की प्रगति का आकलन और इसकी निगरानी करने के लिए आवश्यक अंतर्दृष्टि प्रदान करेगा। यह सुविधा देश भर में व्यापक स्तर पर वित्तीय वंचन की सीमा को मापने में भी सक्5 जून 2023 गवर्नर, भारतीय रिज़र्व बैंक ने अंतर्दृष्टि (ANTARDRISHTI) नामक वित्तीय समावेशन डैशबोर्ड का शुभारंभ किया श्री शक्तिकान्त दास, गवर्नर ने आज अंतर्दृष्टि (ANTARDRISHTI) नामक एक वित्तीय समावेशन डैशबोर्ड का शुभारंभ किया। जैसा कि इस नाम से पता चलता है, यह डैशबोर्ड प्रासंगिक मापदंडों को शामिल करके वित्तीय समावेशन की प्रगति का आकलन और इसकी निगरानी करने के लिए आवश्यक अंतर्दृष्टि प्रदान करेगा। यह सुविधा देश भर में व्यापक स्तर पर वित्तीय वंचन की सीमा को मापने में भी सक्
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फ़रवरी 13, 2023वित्तीय साक्षरता सप्ताह 202313 फरवरी 2023 वित्तीय साक्षरता सप्ताह 2023 भारतीय रिज़र्व बैंक देश की जनता के बीच एक विशेष विषय पर वित्तीय शिक्षण संदेशों का प्रचार करने के लिए 2016 से प्रति वर्ष वित्तीय साक्षरता सप्ताह (एफएलडब्ल्यू) आयोजित कर रहा है। 2. वर्तमान वर्ष के एफएलडब्ल्यू के लिए चयनित विषय है- "सही वित्तीय बर्ताव, करे आपका बचाव", जिसे 13 से 17 फरवरी 2023 के बीच मनाया जाएगा। यह विषय वित्तीय शिक्षा के लिए राष्ट्रीय कार्यनीति: 2020-2025 के समग्र कार्यनीतिक उद्देश्यों के साथ संरेखित है, जिसका उद13 फरवरी 2023 वित्तीय साक्षरता सप्ताह 2023 भारतीय रिज़र्व बैंक देश की जनता के बीच एक विशेष विषय पर वित्तीय शिक्षण संदेशों का प्रचार करने के लिए 2016 से प्रति वर्ष वित्तीय साक्षरता सप्ताह (एफएलडब्ल्यू) आयोजित कर रहा है। 2. वर्तमान वर्ष के एफएलडब्ल्यू के लिए चयनित विषय है- "सही वित्तीय बर्ताव, करे आपका बचाव", जिसे 13 से 17 फरवरी 2023 के बीच मनाया जाएगा। यह विषय वित्तीय शिक्षा के लिए राष्ट्रीय कार्यनीति: 2020-2025 के समग्र कार्यनीतिक उद्देश्यों के साथ संरेखित है, जिसका उद
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अगस्त 02, 2022मार्च 2022 के लिए वित्तीय समावेशन सूचकांक02 अगस्त 2022 मार्च 2022 के लिए वित्तीय समावेशन सूचकांक भारतीय रिज़र्व बैंक ने सरकार सहित संबंधित हितधारकों के परामर्श से देश भर में वित्तीय समावेशन की सीमा को मापने के लिए एक सम्मिश्र वित्तीय समावेशन सूचकांक (एफआई-सूचकांक) का निर्माण किया था और मार्च 2021 को समाप्त वित्तीय वर्ष के लिए अगस्त 2021 में इसे प्रकाशित किया था। मार्च 2022 को समाप्त वर्ष के लिए सूचकांक तैयार किया गया है। मार्च 2021 में 53.9 की तुलना में मार्च 2022 के लिए एफआई-सूचकांक 56.4 है, जिसमें सभी उप-सू02 अगस्त 2022 मार्च 2022 के लिए वित्तीय समावेशन सूचकांक भारतीय रिज़र्व बैंक ने सरकार सहित संबंधित हितधारकों के परामर्श से देश भर में वित्तीय समावेशन की सीमा को मापने के लिए एक सम्मिश्र वित्तीय समावेशन सूचकांक (एफआई-सूचकांक) का निर्माण किया था और मार्च 2021 को समाप्त वित्तीय वर्ष के लिए अगस्त 2021 में इसे प्रकाशित किया था। मार्च 2022 को समाप्त वर्ष के लिए सूचकांक तैयार किया गया है। मार्च 2021 में 53.9 की तुलना में मार्च 2022 के लिए एफआई-सूचकांक 56.4 है, जिसमें सभी उप-सू
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फ़रवरी 11, 2022वित्तीय साक्षरता सप्ताह 202211 फरवरी 2022 वित्तीय साक्षरता सप्ताह 2022 भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) देश की जनता के बीच विभिन्न विषयों पर वित्तीय शिक्षण संदेशों का प्रचार करने के लिए 2016 से प्रति वर्ष वित्तीय साक्षरता सप्ताह (एफएलडब्ल्यू) आयोजित कर रहा है। 2. वर्तमान वर्ष के एफएलडब्ल्यू के लिए चयनित विषय "डिजिटल चुनो, सुरक्षा के साथ" है जिसे 14 से 18 फरवरी 2022 के बीच मनाया जाएगा। यह विषय वित्तीय शिक्षण हेतु राष्ट्रीय कार्यनीति 2020-2025 के कार्यनीतिक उद्देश्यों में से एक है। (क) डिजिटल लेनदेन की11 फरवरी 2022 वित्तीय साक्षरता सप्ताह 2022 भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) देश की जनता के बीच विभिन्न विषयों पर वित्तीय शिक्षण संदेशों का प्रचार करने के लिए 2016 से प्रति वर्ष वित्तीय साक्षरता सप्ताह (एफएलडब्ल्यू) आयोजित कर रहा है। 2. वर्तमान वर्ष के एफएलडब्ल्यू के लिए चयनित विषय "डिजिटल चुनो, सुरक्षा के साथ" है जिसे 14 से 18 फरवरी 2022 के बीच मनाया जाएगा। यह विषय वित्तीय शिक्षण हेतु राष्ट्रीय कार्यनीति 2020-2025 के कार्यनीतिक उद्देश्यों में से एक है। (क) डिजिटल लेनदेन की
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अगस्त 17, 2021भारतीय रिज़र्व बैंक ने वित्तीय समावेशन सूचकांक की शुरुआत की17 अगस्त 2021 भारतीय रिज़र्व बैंक ने वित्तीय समावेशन सूचकांक की शुरुआत की 07 अप्रैल 2021 को 2021-2022 हेतु पहले द्वि-मासिक मौद्रिक नीति वक्तव्य के विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर वक्तव्य में किए गए घोषणा के अनुसार, भारतीय रिज़र्व बैंक ने देश भर में वित्तीय समावेशन की सीमा को मापने के लिए एक सम्मिश्र वित्तीय समावेशन सूचकांक (एफआई-सूचकांक) का निर्माण किया है। इस एफआई-सूचकांक को सरकार और संबंधित क्षेत्र के विनियामकों के परामर्श से बनाया गया है, जिसमे बैंकिंग, निवेश, बीमा17 अगस्त 2021 भारतीय रिज़र्व बैंक ने वित्तीय समावेशन सूचकांक की शुरुआत की 07 अप्रैल 2021 को 2021-2022 हेतु पहले द्वि-मासिक मौद्रिक नीति वक्तव्य के विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर वक्तव्य में किए गए घोषणा के अनुसार, भारतीय रिज़र्व बैंक ने देश भर में वित्तीय समावेशन की सीमा को मापने के लिए एक सम्मिश्र वित्तीय समावेशन सूचकांक (एफआई-सूचकांक) का निर्माण किया है। इस एफआई-सूचकांक को सरकार और संबंधित क्षेत्र के विनियामकों के परामर्श से बनाया गया है, जिसमे बैंकिंग, निवेश, बीमा
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मई 05, 2021गवर्नर का वक्तव्य – 5 मई 20215 मई 2021 गवर्नर का वक्तव्य – 5 मई 2021 वित्तीय वर्ष के रूप में 2020-21 - महामारी का वर्ष – खत्म होने के कगार पर था, पीअर्स के सापेक्ष, भारतीय अर्थव्यवस्था लाभप्रद रूप से तैयार की गई थी। भारत एक मजबूत बहाली की तलहटी में था, जिसने सकारात्मक संवृद्धि हासिल की, लेकिन इससे भी महत्वपूर्ण बात यह थी कि संक्रमण वक्र समतल हो गया । तब से कुछ हफ्तों में, स्थिति काफी बदल गई है। आज, भारत संक्रमण और मृत्यु दर की भयानक वृद्धि से लड़ रहा है। नया म्युटेंट स्ट्रैन उभरा हैं, जिससे स्वास5 मई 2021 गवर्नर का वक्तव्य – 5 मई 2021 वित्तीय वर्ष के रूप में 2020-21 - महामारी का वर्ष – खत्म होने के कगार पर था, पीअर्स के सापेक्ष, भारतीय अर्थव्यवस्था लाभप्रद रूप से तैयार की गई थी। भारत एक मजबूत बहाली की तलहटी में था, जिसने सकारात्मक संवृद्धि हासिल की, लेकिन इससे भी महत्वपूर्ण बात यह थी कि संक्रमण वक्र समतल हो गया । तब से कुछ हफ्तों में, स्थिति काफी बदल गई है। आज, भारत संक्रमण और मृत्यु दर की भयानक वृद्धि से लड़ रहा है। नया म्युटेंट स्ट्रैन उभरा हैं, जिससे स्वास
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सितंबर 04, 2020भारतीय रिज़र्व बैंक ने संशोधित प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र उधार दिशानिर्देश जारी किए04 सितंबर 2020 भारतीय रिज़र्व बैंक ने संशोधित प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र उधार दिशानिर्देश जारी किए भारतीय रिज़र्व बैंक ने, सभी हितधारकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श के बाद उभरती राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के साथ संरेखित करने और समावेशी विकास पर गहन ध्यान केंद्रित करने हेतु, प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र उधार (पीएसएल) दिशानिर्देशों की व्यापक समीक्षा की है। संशोधित पीएसएल दिशानिर्देश ऋण की कमी वाले क्षेत्रों में ऋण गति को बेहतर करने में सक्षम होगा; छोटे और सीमांत किसानों और कमज04 सितंबर 2020 भारतीय रिज़र्व बैंक ने संशोधित प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र उधार दिशानिर्देश जारी किए भारतीय रिज़र्व बैंक ने, सभी हितधारकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श के बाद उभरती राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के साथ संरेखित करने और समावेशी विकास पर गहन ध्यान केंद्रित करने हेतु, प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र उधार (पीएसएल) दिशानिर्देशों की व्यापक समीक्षा की है। संशोधित पीएसएल दिशानिर्देश ऋण की कमी वाले क्षेत्रों में ऋण गति को बेहतर करने में सक्षम होगा; छोटे और सीमांत किसानों और कमज
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जनवरी 10, 2020वित्तीय समावेशन के लिए राष्ट्रीय कार्यनीति (एनएसएफ़आई): 2019-202410 जनवरी 2020 वित्तीय समावेशन के लिए राष्ट्रीय कार्यनीति (एनएसएफ़आई): 2019-2024 पूरे विश्व में तेजी से वित्तीय समावेशन आर्थिक विकास और गरीबी उन्मूलन के प्रमुख चालक के रूप में पहचाना जा रहा है। औपचारिक वित्त तक पहुंच से रोजगार सृजन को बढ़ावा मिल सकता है, आर्थिक झटके की संभावना कम हो सकती है और मानव पूंजी में निवेश बढ़ सकता है। 2030 के संयुक्त राष्ट्र के निरंतर विकास लक्ष्यों (एसडीजी) में वित्तीय समावेशन सातवां लक्ष्य है जिसेकि दुनिया भर में महत्वपूर्ण विकास हासिल करने क10 जनवरी 2020 वित्तीय समावेशन के लिए राष्ट्रीय कार्यनीति (एनएसएफ़आई): 2019-2024 पूरे विश्व में तेजी से वित्तीय समावेशन आर्थिक विकास और गरीबी उन्मूलन के प्रमुख चालक के रूप में पहचाना जा रहा है। औपचारिक वित्त तक पहुंच से रोजगार सृजन को बढ़ावा मिल सकता है, आर्थिक झटके की संभावना कम हो सकती है और मानव पूंजी में निवेश बढ़ सकता है। 2030 के संयुक्त राष्ट्र के निरंतर विकास लक्ष्यों (एसडीजी) में वित्तीय समावेशन सातवां लक्ष्य है जिसेकि दुनिया भर में महत्वपूर्ण विकास हासिल करने क
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सितंबर 13, 2019कृषि ऋण की समीक्षा के लिए आंतरिक कार्य समूह की रिपोर्ट13 सितंबर 2019 कृषि ऋण की समीक्षा के लिए आंतरिक कार्य समूह की रिपोर्ट भारतीय रिज़र्व बैंक ने 07 फरवरी 2019 को छठी द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा, 2018-19 के दौरान अपने विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर अपने वक्तव्य में कृषि ऋण की समीक्षा के लिए आंतरिक कार्य समूह (आईडब्ल्यूजी) के गठन की घोषणा की थी। समीक्षा के दायरे में अन्य बातों के साथ-साथ निम्नलिखित कार्य शामिल हैं: ऋण पहुंच: संस्थागत ऋण, पहुंच को प्रभावित करनेवाले उपाय और कारक लागत प्रभावी और समावेशी प्रणाली: ऋण और13 सितंबर 2019 कृषि ऋण की समीक्षा के लिए आंतरिक कार्य समूह की रिपोर्ट भारतीय रिज़र्व बैंक ने 07 फरवरी 2019 को छठी द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा, 2018-19 के दौरान अपने विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर अपने वक्तव्य में कृषि ऋण की समीक्षा के लिए आंतरिक कार्य समूह (आईडब्ल्यूजी) के गठन की घोषणा की थी। समीक्षा के दायरे में अन्य बातों के साथ-साथ निम्नलिखित कार्य शामिल हैं: ऋण पहुंच: संस्थागत ऋण, पहुंच को प्रभावित करनेवाले उपाय और कारक लागत प्रभावी और समावेशी प्रणाली: ऋण और
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